Funny Friendship Shayari
दोस्तों के साथ बैठते ही समझ आ जाता है, कि समझदारी अभी भी हमसे काफी दूर है।
हमारी दोस्ती का नियम बहुत सरल है, जो सबसे ज्यादा हँसेगा, वही सबसे ज्यादा फँसेगा।
दोस्त इतने प्यारे हैं, गलती पर समझाते कम, याद दिलाते ज्यादा हैं।
हर टोली में एक दोस्त ऐसा होता है, जो मिलने से पहले थका होता है और मिलने के बाद सबसे ज्यादा बोलता है।
हमारे दोस्तों की खास बात यह है, वे समस्या सुनकर समाधान नहीं, किस्सा ढूँढ़ते हैं।
दोस्ती इतनी मजबूत है, कि अब एक-दूसरे की अजीब आदतें भी सामान्य लगती हैं।
दोस्तों के साथ समय का हिसाब नहीं रखा जाता, क्योंकि हँसी में घड़ी भी आराम करने लगती है।
हमारी मंडली में कोई साधारण नहीं, हर कोई अपने आप में एक चलता-फिरता किस्सा है।
दोस्तों के साथ बाहर जाना ऐसा है, जैसे शांति को घर पर छोड़कर निकलना।
हर दोस्ती में एक कलाकार होता है, जो छोटी सी बात को भी बड़ी कहानी बना देता है।
हमारे दोस्त इतने ईमानदार हैं, सामने तारीफ और पीछे भी वही मज़ाक करते हैं।
दोस्ती का सबसे मज़ेदार हिस्सा यह है, कि कोई भी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं होता।
जब भी गंभीर माहौल बनता है, दोस्तों में से कोई न कोई उसे बचा लेता है।
हमारी दोस्ती की गहराई का अंदाज़ा इस बात से लगाओ, कि आधी बातें इशारों में समझ ली जाती हैं।
दोस्तों के साथ चाय पीने बैठो, तो चाय पहले खत्म होती है, बातें नहीं।
हमारे समूह की सबसे बड़ी उपलब्धि, हर मुलाकात को हँसी का त्योहार बना देना है।
दोस्त वह होता है, जो आपकी पुरानी तस्वीर देखकर भी खुश हो जाए।
दोस्ती में सम्मान अपनी जगह है, लेकिन मज़ाक करने का अधिकार उससे भी ऊपर है।
हमारे दोस्त इतने रचनात्मक हैं, हर घटना में मनोरंजन ढूँढ़ ही लेते हैं।
दोस्तों के साथ यात्रा का नियम है, मंज़िल से ज्यादा यादें रास्ते में बनती हैं।
जब हम सब साथ होते हैं, तो सबसे ज्यादा परेशान आसपास के लोग होते हैं।
दोस्ती का असली आनंद यही है, कि बिना वजह भी हँसी आती रहती है।
हमारी टोली में सलाह मुफ्त मिलती है, माननी है या नहीं, यह अलग विषय है।
दोस्तों के साथ बिताए पल बताते हैं, कि खुशी का कोई बड़ा कारण होना जरूरी नहीं।
कुछ दोस्त रिश्ते नहीं होते, वे रोज़मर्रा की जिंदगी का सबसे मज़ेदार हिस्सा होते हैं।
दोस्तों के साथ बैठो तो पता चलता है, कि बिना किसी मुद्दे के भी घंटों बहस हो सकती है।
हमारी दोस्ती इतनी पुरानी है, अब माफ़ी से ज्यादा मज़ाक काम आता है।
हर समूह में एक दोस्त ऐसा होता है, जो खुद उलझा रहता है और सलाह सबसे ज्यादा देता है।
दोस्तों की खासियत यह है, वे आपकी बात सुनते कम और पकड़ते ज्यादा हैं।
हम जब भी मिलने का सोचते हैं, योजना पाँच मिनट चलती है, हँसी कई घंटे।
दोस्ती का असली प्रमाण यह है, कि लोग आपका नाम भूल जाएँ, दोस्त आपकी पुरानी हरकतें नहीं भूलते।
हमारे दोस्त इतने तेज हैं, मौका मिले न मिले, मज़ाक जरूर बना लेते हैं।
दोस्तों के साथ फोटो खिंचवाने का मतलब है, कम से कम एक इंसान अजीब चेहरा जरूर बनाएगा।
हमारी टोली में गंभीर रहने की कोशिश करना, बारिश में सूखी जगह ढूँढ़ने जैसा है।
दोस्ती वह रिश्ता है, जहाँ सम्मान भी मिलता है और रोज़ मज़ाक भी बनता है।
दोस्तों की बैठक में एक ही समस्या होती है, कोई विषय शुरू कहाँ हुआ था, याद नहीं रहता।
हमारे दोस्त इतने भरोसेमंद हैं, आपकी बात पूरी होने से पहले ही चुटकुला तैयार कर लेते हैं।
हर दोस्ती में एक इतिहासकार होता है, जो दस साल पुरानी गलती भी तारीख़ सहित याद रखता है।
दोस्तों के साथ समय बिताने का फायदा यह है, तनाव कम होता है और हँसी का भंडार बढ़ता है।
हमारी दोस्ती की पहचान यही है, एक-दूसरे को देखकर हँसी आ जाए तो समझो रिश्ता मजबूत है।
दोस्तों के साथ यात्रा का सबसे बड़ा रोमांच, मंज़िल नहीं, रास्ते की बेवकूफियाँ होती हैं।
कुछ लोग उम्र के साथ समझदार हो जाते हैं, हम दोस्त उम्र के साथ और मज़ेदार हो गए।
हमारे समूह का अनुशासन कमाल का है, कोई किसी की नहीं सुनता, फिर भी सब साथ चलते हैं।
दोस्त वह है, जो आपकी तस्वीर देखकर भी नया मज़ाक ढूँढ़ ले।
दोस्तों के साथ चुप बैठना मुश्किल है, क्योंकि किसी न किसी को पुरानी कहानी याद आ ही जाती है।
हमारी दोस्ती इतनी मजबूत है, कि एक शब्द बोलो और बाकी लोग हँसना शुरू कर दें।
दोस्तों की सबसे बड़ी प्रतिभा, साधारण दिन को भी यादगार बना देना है।
हर मुलाकात में यही तय होता है, कि आज किसी का मज़ाक नहीं उड़ाएँगे... और वही सबसे पहले शुरू होता है।
दोस्ती का फायदा यह है, आपके अजीब विचारों को भी श्रोता मिल जाते हैं।
हमारे दोस्त ऐसे हैं, जिनके साथ हँसी खत्म हो जाए तो शायद पहचान ही खत्म हो जाए।
दोस्तों की सलाह का भी अलग ही हाल होता है, मुसीबत उनकी होती नहीं, सुझाव सबसे पहले उनका होता है।
हमारे दोस्त इतने समझदार हैं, गलती हमारी हो तब भी हँसते वही सबसे ज्यादा हैं।
दोस्ती का रिश्ता बड़ा अजीब है, मिलते ही हाल नहीं, मज़ाक शुरू हो जाता है।
जब भी गंभीर बात करने बैठो, दोस्त उसे भी हँसी का विषय बना देते हैं।
हमारी टोली में नियम सिर्फ एक है, जो देर से आएगा, वही सबसे ज्यादा बोलेगा।
दोस्तों के साथ तस्वीर खिंचवाना आसान है, सबको सीधा खड़ा कराना सबसे मुश्किल काम है।
दोस्ती की पहचान यह नहीं कि कौन साथ है, पहचान यह है कि सबसे ज्यादा शोर कौन मचा रहा है।
हमारे दोस्त इतने भरोसेमंद हैं, राज़ बताओ तो पूरी मंडली तक सुरक्षित पहुँच जाता है।
पढ़ाई के समय सब गायब रहते थे, मगर घूमने का नाम लो तो पूरी सभा तैयार मिलती थी।
दोस्तों के साथ बैठो तो समय उड़ जाता है, और घर पहुँचो तो बहाने खत्म हो जाते हैं।
हमारी दोस्ती का स्तर इतना ऊँचा है, एक-दूसरे की बात पूरी होने से पहले हँसना शुरू कर देते हैं।
दोस्त वह होते हैं, जो आपकी पुरानी शर्मनाक बातें कभी भूलने नहीं देते।
हर समूह में एक दोस्त ऐसा जरूर होता है, जो खुद रास्ता भूल जाए और दूसरों को दिशा बताए।
दोस्ती का असली मज़ा तब है, जब बिना वजह हँसी आए और वजह बाद में याद आए।
हमारे दोस्तों की याददाश्त कमाल की है, उधार भूल जाते हैं, मज़ाक सालों याद रखते हैं।
दोस्तों के साथ योजना बनाना आसान है, योजना के अनुसार कुछ होना मुश्किल है।
कुछ लोग शांति ढूँढ़ते हैं, हम दोस्त ढूँढ़ते हैं और फिर शांति खुद ही चली जाती है।
दोस्ती इतनी पुरानी है, अब एक-दूसरे की बेवकूफियाँ भी सामान्य लगती हैं।
हमारे समूह की सबसे बड़ी उपलब्धि, हर मुलाकात को किसी न किसी तरह यादगार बना देना है।
दोस्तों के साथ चाय कम पी जाती है, बातें ज्यादा उबाली जाती हैं।
हर बार तय करते हैं कि आज समझदारी की बात करेंगे, फिर वही पुरानी शरारतों पर चर्चा शुरू हो जाती है।
दोस्ती का गणित बड़ा मज़ेदार है, जितने लोग हों, उतनी ही आवाज़ें एक साथ आती हैं।
हमारे दोस्त इतने रचनात्मक हैं, साधारण घटना को भी महीनों का मज़ाक बना देते हैं।
दोस्ती में सबसे बड़ी सुरक्षा यही है, आपकी गलती पर हँसेंगे भी वही और बचाएँगे भी वही।
दोस्तों के साथ बिताया समय यह सिखाता है, कि हँसी की कोई योजना नहीं होती, बस सही लोग होने चाहिए।