सुबह-सुबह यह संदेश पढ़ रहे हैं,
मतलब आप आधे जाग चुके हैं, बधाई हो।
सुप्रभात।
अलार्म ने अपना फ़र्ज़ निभा दिया,
अब आपका उठना आपकी ज़िम्मेदारी है।
आज का दिन शानदार हो,
और आपकी नींद पुराने रिकॉर्ड न तोड़े।
सुप्रभात।
कुछ लोग सुबह टहलते हैं,
और कुछ लोग बिस्तर पर ही करवटों का अभ्यास करते हैं।
सुबह की सबसे बड़ी उपलब्धि,
मोबाइल देखने से पहले उठ जाना है।
सुप्रभात।
आज मुस्कुराइए,
चेहरा भी रोज़ मेहनत करता है।
बिस्तर और इंसान का रिश्ता बड़ा गहरा है,
हर सुबह बिछड़ने का दुख सहना पड़ता है।
सुप्रभात।
उठ जाइए,
सपनों की बैठक अब समाप्त हो चुकी है।
सुबह का सबसे बड़ा रहस्य,
पाँच मिनट की नींद आधे घंटे कैसे बन जाती है।
सुप्रभात।
आज का लक्ष्य आसान है,
कम से कम एक बार समय देखकर घबराइए मत।
कुछ लोग सुबह ऊर्जा से भर जाते हैं,
और कुछ लोग अभी भी तकिए से जुड़े रहते हैं।
सुप्रभात।
दिन की शुरुआत हँसी से कीजिए,
काम तो बाद में भी गंभीर बना देगा।
अगर सुबह जल्दी उठ गए हैं,
तो कृपया दूसरों को यह चमत्कार बताइए।
सुप्रभात।
आज की ताज़ी हवा आपका इंतज़ार कर रही है,
बस आप रज़ाई का इंतज़ार छोड़ दीजिए।
सुबह का सबसे कठिन काम,
आँख खुलने के बाद उठने का निर्णय लेना है।
सुप्रभात।
जो लोग कहते हैं "मैं बस दो मिनट में आया",
उनकी सुबह अक्सर लंबी होती है।
आज का दिन बेहतरीन हो,
और चाय समय पर मिल जाए।
सुप्रभात।
सुबह-सुबह आईने ने भी कहा होगा,
चलो, आज फिर कोशिश करते हैं।
सुप्रभात।
कुछ लोग सूरज के साथ उठते हैं,
और कुछ लोग सूरज को विदा करके।
सुप्रभात।
मुस्कुराइए,
आज भी आपके पास काम से बचने के नए बहाने ढूँढ़ने का मौका है।
सुबह का असली रोमांच,
समय देखकर यह समझना है कि देर हुई या नहीं।
सुप्रभात।
आज उठिए और आगे बढ़िए,
क्योंकि तकिया आपको पदोन्नति नहीं दिलाएगा।
सुप्रभात।
जो लोग अभी भी सो रहे हैं,
उन्हें यह संदेश सपने में ही पहुँचेगा।
सुप्रभात।
दिन की शुरुआत हल्के मन से कीजिए,
भारी काम तो ख़ुद ही आ जाएँगे।
उठिए, मुस्कुराइए और चाय ढूँढ़िए,
बाक़ी दुनिया बाद में भी संभाली जा सकती है।
सुप्रभात।
सुबह का पहला नियम,
आँख खुलते ही यह मत सोचिए कि आज कौन-सा दिन है।
सुप्रभात।
अलार्म का भी दिल टूट जाता होगा,
जब लोग उसे बंद करके फिर सो जाते हैं।
आज जल्दी उठिए,
कम से कम यह तो पता चले कि सुबह दिखती कैसी है।
सुप्रभात।
कुछ लोग सुबह दौड़ने जाते हैं,
और कुछ लोग सपनों में ही दौड़ पूरी कर लेते हैं।
दिन की शुरुआत मुस्कुराकर कीजिए,
बिजली का बिल और काम की सूची बाद में भी देखी जा सकती है।
सुप्रभात।
सुबह की हवा बहुत ताज़ा होती है,
बस बिस्तर उसे महसूस नहीं होने देता।
आज का दिन शानदार रहे,
और नींद आपको दोबारा न बुलाए।
सुप्रभात।
कुछ लोग सुबह चाय पीते हैं,
कुछ कॉफ़ी पीते हैं,
और कुछ अभी भी तकिए से सलाह ले रहे होते हैं।
उठ जाइए,
मोबाइल भी सोच रहा होगा कि आख़िर कब तक देखते रहोगे।
सुप्रभात।
सुबह का सबसे बड़ा भ्रम,
"बस दो मिनट और" होता है।
आज मुस्कुराइए,
क्योंकि सप्ताह का कौन-सा दिन है, यह जानकर फ़ायदा नहीं होगा।
सुप्रभात।
जो लोग जल्दी उठ जाते हैं,
उनके लिए सम्मान।
जो नहीं उठते, उनके लिए यह संदेश।
सुप्रभात।
सुबह की सबसे बड़ी जीत,
बिस्तर छोड़ देना है।
आज का लक्ष्य बड़ा नहीं,
बस समय पर तैयार हो जाइए।
सुप्रभात।
कुछ लोग सूर्योदय देखते हैं,
और कुछ लोग उसके बारे में सुनकर ही खुश हो जाते हैं।
उठिए और दिन शुरू कीजिए,
वरना दोपहर फिर आपको सुबह समझकर मिल सकती है।
सुप्रभात।
सुबह-सुबह आईने में ख़ुद को देखकर मुस्कुरा दीजिए,
कम से कम एक व्यक्ति तो खुश होगा।
सुप्रभात।
आज का दिन अच्छा जाएगा,
अगर आप उसे तकिए के नीचे छोड़कर नहीं आए।
सुप्रभात।
सुबह का असली व्यायाम,
रज़ाई से बाहर निकलना है।
दिन की शुरुआत हँसी से कीजिए,
क्योंकि काम तो ख़ुद ही याद आ जाएगा।
सुप्रभात।
कुछ लोग सुबह प्रेरणा ढूँढ़ते हैं,
कुछ लोग चाय,
और कुछ लोग अपनी चप्पल।
सुप्रभात।
अगर अभी भी नींद आ रही है,
तो इसका मतलब है कि बिस्तर आपको बहुत याद करेगा।
सुप्रभात।
सुबह का सबसे कठिन फ़ैसला,
उठना है या करवट बदलना।
सुप्रभात।
मुस्कुराइए,
आज भी आपको वही काम करने हैं जो कल टाले थे।
सुप्रभात।
उठिए जनाब,
दिन आपका इंतज़ार कर रहा है,
हालाँकि बिस्तर अभी भी आपको रोकने की कोशिश करेगा।
सुप्रभात।
सुबह-सुबह यह संदेश इसलिए भेज रहा हूँ,
ताकि आपकी नींद को पता चल जाए कि छुट्टी ख़त्म हो गई।
सुप्रभात।
आज का दिन शानदार हो,
बस तकिया आपको वापस बुलाने में सफल न हो।
सुबह की हवा कह रही है उठ जाओ,
और बिस्तर कह रहा है थोड़ा और रुक जाओ।
सुप्रभात।
कुछ लोग सुबह योग करते हैं,
कुछ लोग सुबह दौड़ते हैं,
और कुछ लोग सिर्फ़ अलार्म से बहस करते हैं।
सुप्रभात।
आज जल्दी उठिए,
वरना दोपहर फिर सुबह का इंतज़ार करती मिलेगी।
सुबह का सबसे कठिन सवाल,
पाँच मिनट और या सच में उठ जाऊँ?
सुप्रभात।
दिन की शुरुआत मुस्कान से कीजिए,
बाक़ी परेशानियाँ बाद में भी मिल जाएँगी।
जो लोग जल्दी उठ जाते हैं,
उन्हें हमारा सलाम।
जो नहीं उठते, उन्हें यह संदेश।
सुप्रभात।
सुबह का असली संघर्ष,
आँख खुलने और बिस्तर छोड़ने के बीच होता है।
आज का दिन ख़ुशियों से भरा हो,
और काम थोड़ा कम हो।
सुप्रभात।
सुबह-सुबह इतना मत सोचिए,
चाय भी अभी पूरी तरह जागी नहीं होगी।
अलार्म ने अपना काम कर दिया,
अब आपकी बारी है।
सुप्रभात।
कुछ सपने नींद में अच्छे लगते हैं,
लेकिन कुछ सपने उठकर पूरे करने पड़ते हैं।
आज का दिन मुस्कुराकर शुरू कीजिए,
चेहरा भी सोच रहा होगा कि आख़िर मौका कब मिलेगा।
सुप्रभात।
सुबह की सबसे बड़ी उपलब्धि,
अलार्म बंद करके फिर न सोना है।
उठ जाइए जनाब,
सूरज भी अपनी ड्यूटी पर पहुँच चुका है।
सुप्रभात।
आज का लक्ष्य छोटा रखिए,
कम से कम नाश्ता समय पर कर लीजिए।
सुबह की ताज़गी सबको मिलती है,
बस कुछ लोग उसे तकिए के नीचे छोड़ आते हैं।
सुप्रभात।
अगर अभी भी नींद आ रही है,
तो समझ लीजिए रात की नींद बहुत सफल रही।
सुप्रभात।
हर सुबह एक नया अवसर है,
और एक नया बहाना भी कि देर क्यों हुई।
आज का दिन शानदार गुज़रे,
और आपकी चप्पल बिस्तर तक वापस न पहुँच पाए।
सुप्रभात।
सुबह-सुबह मुस्कुरा लीजिए,
मुफ़्त की चीज़ें हर दिन नहीं मिलतीं।
जो लोग यह संदेश पढ़ रहे हैं,
उन्हें आधिकारिक रूप से जागा हुआ माना जाता है।
सुप्रभात।
दिन की शुरुआत हँसी से हो,
ताकि काम देखकर झटका थोड़ा कम लगे।
सुप्रभात।
उठिए, मुस्कुराइए और दिन शुरू कीजिए,
क्योंकि बिस्तर से दोस्ती अच्छी है, लेकिन ज़्यादा नहीं।
सुप्रभात।