माँ, धन्यवाद उन सुबहों के लिए,
जब तू सबसे पहले जागती थी,
ताकि हमारा दिन आसान हो,
और हम बेफ़िक्र रह सकें।
मैं आभारी हूँ उस स्नेह का,
जो तूने बिना जताए दिया,
तेरे प्रेम ने मुझे,
हर परिस्थिति में सुरक्षित महसूस कराया।
माँ, धन्यवाद उस धैर्य के लिए,
जिससे तूने मेरी गलतियाँ सह लीं,
और हर भूल के बाद,
मुझे बेहतर बनने का अवसर दिया।
जब मैं अपने जीवन को देखता हूँ,
तो तेरा योगदान हर मोड़ पर मिलता है,
इसलिए तेरा आभार केवल शब्द नहीं,
मेरे दिल की सच्ची भावना है।
धन्यवाद माँ,
मेरे सपनों को महत्व देने के लिए,
जब मैं स्वयं अनिश्चित था,
तब भी तूने मुझ पर विश्वास किया।
माँ, मैं आभारी हूँ,
तेरी उन साधारण लगने वाली बातों का,
जो आज जीवन के सबसे बड़े सबक बन चुकी हैं।
धन्यवाद उस अपनापन के लिए,
जो हर परिस्थिति में मिला,
जिसने मुझे सिखाया,
कि प्रेम कैसा होता है।
माँ, तेरी परवाह कभी बोझ नहीं लगी,
बल्कि एक भरोसा लगी,
जो हर दिन यह एहसास दिलाती रही,
कि कोई मेरा अपना है।
मैं आभारी हूँ,
तेरी हर उस मुस्कान का,
जो मेरी खुशी देखकर,
अपने आप चेहरे पर आ जाती थी।
धन्यवाद माँ,
मुझे गिरने देने के लिए भी,
क्योंकि तू जानती थी,
कि संभलना भी सीखना ज़रूरी है।
माँ, तेरे प्रेम ने मुझे,
दूसरों के लिए संवेदनशील बनाया,
और यही गुण,
मेरे जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।
जब मैं सफल होता हूँ,
मुझे तेरी खुशी याद आती है,
और जब असफल होता हूँ,
तेरा विश्वास याद आता है।
धन्यवाद माँ,
मेरी छोटी-छोटी बातों को महत्व देने के लिए,
क्योंकि उसी से मुझे,
अपनी अहमियत का एहसास हुआ।
माँ, मैं आभारी हूँ,
तेरे उन अनकहे प्रयासों का,
जो उस समय दिखाई नहीं दिए,
पर आज स्पष्ट समझ आते हैं।
धन्यवाद उस भरोसे के लिए,
जो तूने हमेशा मुझ पर रखा,
उसने ही मुझे,
खुद पर भरोसा करना सिखाया।
माँ, तेरी हर सीख,
समय के साथ और मूल्यवान लगती है,
जैसे जीवन हर दिन,
तेरी बातों को सही साबित करता हो।
मैं आभारी हूँ,
उस सुकून का,
जो केवल तेरी मौजूदगी से,
घर में महसूस होता था।
धन्यवाद माँ,
हर बार मेरा पक्ष समझने की कोशिश करने के लिए,
भले मैं खुद को ठीक से व्यक्त न कर पाया हूँ।
माँ, तेरे प्रेम ने मुझे,
मजबूत भी बनाया और विनम्र भी,
और यही संतुलन,
जीवन में सबसे अधिक काम आया।
मैं आभारी हूँ,
तेरी उन चिंताओं का,
जो उस समय साधारण लगीं,
पर आज उनमें प्रेम दिखाई देता है।
धन्यवाद माँ,
मुझे संस्कार देने के लिए,
जो हर परिस्थिति में,
मेरा मार्गदर्शन करते हैं।
माँ, जब मैं अपने भीतर झाँकता हूँ,
तो तेरी परवरिश की झलक मिलती है,
और यही एहसास,
दिल को कृतज्ञता से भर देता है।
मैं आभारी हूँ,
उस विश्वास का,
जो तूने मेरे भविष्य के लिए रखा,
जब मैं वर्तमान में उलझा हुआ था।
धन्यवाद माँ,
मेरी हर खुशी को अपनी खुशी मानने के लिए,
यह प्रेम जितना सरल दिखता है,
उतना ही दुर्लभ होता है।
माँ, तेरे प्रति मेरा आभार,
किसी एक कारण से नहीं जुड़ा,
बल्कि उन अनगिनत पलों से जुड़ा है,
जिन्होंने मुझे वह बनाया जो मैं आज हूँ।
माँ, धन्यवाद केवल इसलिए नहीं,
कि तूने मुझे संभाला,
बल्कि इसलिए भी कि तूने,
मुझ पर हमेशा भरोसा रखा।
जब मैं अपनी दुनिया में व्यस्त था,
तू मेरी फिक्र में व्यस्त थी,
आज सोचता हूँ,
तेरा यह प्रेम कितना अनमोल था।
माँ, तेरी हर छोटी बात के लिए,
मैं आभारी हूँ,
क्योंकि उन्हीं छोटी बातों ने,
मेरा जीवन आसान बनाया।
धन्यवाद माँ,
मेरी हर बात सुनने के लिए,
यहाँ तक कि तब भी,
जब मैं खुद को नहीं समझ पाता था।
माँ, तूने मुझे सिर्फ़ प्यार नहीं दिया,
सही और गलत की पहचान भी दी,
और यही सीख,
मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है।
जब भी मैं मुस्कुराता हूँ,
उसमें कहीं न कहीं तेरा योगदान होता है,
क्योंकि मेरी खुशियों के पीछे,
तेरी अनगिनत कोशिशें रही हैं।
माँ, तेरे प्रति आभार व्यक्त करना,
आसान नहीं लगता,
क्योंकि जो कुछ तूने दिया है,
उसे शब्दों में बाँधा नहीं जा सकता।
धन्यवाद उस विश्वास के लिए,
जो तूने हमेशा मुझ पर रखा,
जब मैं खुद को कम समझता था,
तब भी तूने मुझे पूरा देखा।
माँ, तेरी परवाह का एहसास,
उम्र के साथ और गहरा हुआ है,
अब समझ आता है,
कि प्रेम का सबसे सच्चा रूप क्या होता है।
मेरे जीवन के अच्छे संस्कार,
किसी किताब से नहीं आए,
वे तेरी बातों और व्यवहार से,
धीरे-धीरे मेरे भीतर उतरे हैं।
धन्यवाद माँ,
हर बार मुझे समझने की कोशिश करने के लिए,
क्योंकि समझा जाना भी,
एक बहुत बड़ा उपहार होता है।
जब मैं थक जाता हूँ,
तेरी याद सुकून देती है,
और तब महसूस होता है,
कि तेरा साथ आज भी मेरे भीतर है।
माँ, मैं आभारी हूँ,
उन सभी बातों का,
जो तूने कभी गिनाईं नहीं,
लेकिन मेरे लिए करती रही।
धन्यवाद उस धैर्य के लिए,
जिससे तूने मुझे बड़ा किया,
और उस प्रेम के लिए,
जो कभी कम नहीं हुआ।
माँ, तूने मुझे यह सिखाया,
कि अच्छा इंसान बनना जरूरी है,
और यही सीख,
हर सफलता से अधिक मूल्यवान है।
आज जो लोग मेरी अच्छाइयों की बात करते हैं,
मैं मन ही मन तुझे याद करता हूँ,
क्योंकि उनमें से बहुत कुछ,
तेरी परवरिश की देन है।
धन्यवाद माँ,
मेरी हर छोटी उपलब्धि पर खुश होने के लिए,
तेरी खुशी ने ही,
मुझे आगे बढ़ने का हौसला दिया।
माँ, तेरे बिना भी जीवन चलता है,
पर तेरे एहसानों को भुलाना संभव नहीं,
क्योंकि तूने जो दिया,
वह जीवनभर साथ रहने वाला है।
मैं आभारी हूँ,
उन सभी चिंताओं का,
जो तूने मेरे लिए कीं,
और मुझे कभी महसूस नहीं होने दीं।
धन्यवाद माँ,
हर परिस्थिति में मेरा साथ देने के लिए,
क्योंकि हर किसी को,
इतना सच्चा सहारा नहीं मिलता।
माँ, तेरे प्रेम की सबसे सुंदर बात यह है,
कि उसमें कोई शर्त नहीं थी,
और शायद इसी कारण,
वह आज भी उतना ही गहरा है।
जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ,
तो तेरा योगदान हर जगह दिखता है,
तूने केवल मेरा हाथ नहीं पकड़ा,
मुझे जीवन जीना सिखाया।
धन्यवाद उस अपनापन के लिए,
जो तेरे साथ हमेशा मिला,
जिसने मुझे यह एहसास दिया,
कि मैं कभी अकेला नहीं हूँ।
माँ, तेरी मौजूदगी ने,
मेरे जीवन को केवल आसान नहीं बनाया,
बल्कि उसे अर्थ भी दिया,
और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूँगा।
धन्यवाद माँ,
सिर्फ़ मेरे लिए होने के लिए,
क्योंकि कई बार किसी का साथ,
सबसे बड़ा उपहार बन जाता है।