माँ, आज भी जब कोई मेरी तारीफ़ करता है,
तो सबसे पहले तू याद आती है,
क्योंकि मेरी हर अच्छी बात में,
तेरी परवरिश दिखाई देती है।
कभी-कभी यूँ ही पुरानी बातें सोचता हूँ,
और तेरा चेहरा सामने आ जाता है,
फिर कुछ देर के लिए,
वक़्त जैसे ठहर सा जाता है।
माँ, तेरी याद किसी मौसम की तरह है,
बिना बताए चली आती है,
और दिल के किसी कोने में,
पुराने दिन जगा जाती है।
जब घर में कोई मेरी पसंद पूछता है,
तो तू याद आती है,
क्योंकि तुझसे ज़्यादा मेरी पसंद,
कभी किसी ने जानी ही नहीं।
आज भी जब बीमार पड़ता हूँ,
सबसे पहले तेरा ख्याल आता है,
क्योंकि दवा से पहले,
तेरी चिंता राहत देती थी।
तेरे साथ बिताए छोटे-छोटे पल,
अब सबसे बड़े ख़ज़ाने लगते हैं,
जो उस समय साधारण थे,
आज वही सबसे अनमोल लगते हैं।
माँ, तेरी याद में सिर्फ़ कमी नहीं,
बहुत सारा अपनापन भी है,
क्योंकि तुझे याद करना,
तुझे फिर से महसूस करना है।
जब भी कोई मुझे समझ लेता है,
मैं तुझे याद कर लेता हूँ,
क्योंकि बिना कहे समझने की आदत,
सबसे पहले तुझमें देखी थी।
माँ, अब समझ आता है,
तू इतनी बार क्यों पूछती थी,
"सब ठीक है ना?"
उस एक सवाल में पूरा प्यार होता था।
कभी-कभी मन करता है,
तुझे अपने आज के दिन दिखाऊँ,
जो कुछ भी बन पाया हूँ,
उसमें तेरा कितना हिस्सा है बताऊँ।
तेरे जाने के बाद जाना,
कि घर और मकान में फ़र्क़ क्या होता है,
दीवारें तो वही रहती हैं,
पर अपनापन कहीं खो जाता है।
माँ, तेरी याद मुझे कमज़ोर नहीं करती,
बल्कि तेरी सीख याद दिलाती है,
और फिर लगता है,
तू आज भी मेरे साथ है।
हर त्योहार पर,
तेरी कमी कुछ ज़्यादा महसूस होती है,
क्योंकि खुशियों में भी,
तेरी मौजूदगी तलाशता हूँ।
जब किसी बच्चे को उसकी माँ के साथ देखता हूँ,
तो मुस्कुरा भी देता हूँ,
और दिल के किसी कोने में,
तुझे थोड़ा और याद कर लेता हूँ।
माँ, तेरी याद का कोई दिन तय नहीं,
वह हर दिन आती है,
बस कुछ दिनों में,
दिल ज़्यादा सुन लेता है।
तेरे हाथों का स्पर्श तो नहीं,
पर उसकी याद अब भी है,
और कई बार वही याद,
दिल को सुकून दे जाती है।
आज भी कोई चिंता होती है,
तो मन तुझ तक पहुँच जाता है,
आदतें उम्र के साथ बदलती हैं,
पर माँ को याद करना नहीं।
माँ, तेरे बिना भी हँस लेता हूँ,
जी भी लेता हूँ,
पर कुछ खुशियाँ ऐसी हैं,
जो तुझे याद किए बिना पूरी नहीं होतीं।
तेरी तस्वीर से बातें करना,
शायद अजीब लगे किसी को,
पर कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं,
जो खामोशी में भी सुन लेते हैं।
माँ, तेरी याद में दर्द है,
पर शिकायत नहीं,
क्योंकि जो प्यार तू दे गई,
वह आज भी मेरे साथ है।
जब कभी खुद को अकेला पाता हूँ,
तेरी कही हुई बातें याद आती हैं,
और फिर लगता है,
मैं उतना अकेला नहीं हूँ।
तेरे साथ बिताया बचपन,
आज भी मेरी सबसे प्यारी याद है,
क्योंकि उसमें ज़िम्मेदारियाँ कम,
और तेरा साथ ज़्यादा था।
माँ, तेरी याद किसी तस्वीर जैसी नहीं,
जो बस देखी जाए,
वह तो एक एहसास है,
जो हर दिन जीया जाता है।
कभी-कभी लगता है,
काश एक दिन फिर बचपन लौट आए,
और मैं फिर से वही बच्चा बन जाऊँ,
जो हर बात तुझसे कह दिया करता था।
माँ, तुझे याद करना मेरे लिए,
सिर्फ़ अतीत को याद करना नहीं,
यह उस प्रेम को महसूस करना है,
जो आज भी मेरे दिल में ज़िंदा है।
माँ, आज भी कुछ दिन ऐसे आते हैं,
जब दिल बिना वजह भारी हो जाता है,
फिर तेरी याद चुपके से आती है,
और बचपन आँखों के सामने आ जाता है।
घर वैसा ही है जैसा पहले था,
पर कुछ कमी अब भी महसूस होती है,
शायद इसलिए कि हर कोने में,
तेरी आवाज़ की आदत बसी होती है।
कभी-कभी थककर बैठता हूँ,
तो तेरा हाल पूछना याद आता है,
अब कोई पूछ भी ले तो,
वैसा सुकून नहीं मिल पाता है।
माँ, तेरी याद किसी शोर की तरह नहीं,
धीरे-धीरे दिल में उतरती है,
और फिर पूरे दिन,
तेरे साथ बिताए पल याद दिलाती है।
जब कोई परेशानी आती है,
सबसे पहले तू याद आती है,
क्योंकि पहले हर मुश्किल में,
तेरी बात ही हिम्मत बन जाती थी।
तेरे हाथों की बनी साधारण रोटी भी,
आज किसी दावत से बढ़कर लगती है,
शायद स्वाद में नहीं,
उसमें छिपे अपनेपन में बात थी।
माँ, तेरी डाँट भी याद आती है,
क्योंकि उसमें नाराज़गी कम होती थी,
और मेरी चिंता ज़्यादा होती थी,
जो अब समझ में आती है।
कुछ यादें उम्र के साथ धुंधली हो जाती हैं,
पर तेरी बातें नहीं,
वे आज भी उतनी ही साफ़ हैं,
जितनी बचपन में हुआ करती थीं।
जब भी अपने पुराने घर जाता हूँ,
तेरी मौजूदगी महसूस होती है,
जैसे तू आज भी वहीं हो,
और मेरा इंतज़ार कर रही हो।
तेरी याद का सबसे कठिन हिस्सा यह नहीं,
कि तू साथ नहीं है,
बल्कि यह है कि आज भी,
हर खुशी तुझे बताने का मन करता है।
माँ, तेरे बिना जीना सीख लिया है,
पर तेरी कमी भूलना नहीं,
कुछ रिश्ते जीवन से चले जाते हैं,
दिल से कभी नहीं जाते।
कई बार भीड़ में भी,
अजीब सा खालीपन महसूस होता है,
फिर समझ आता है कि,
कुछ जगहें सिर्फ़ माँ भर सकती है।
आज जब खुद की चिंता करता हूँ,
तो तेरी चिंता याद आती है,
तब समझ आता है,
कि तू कितना सोचती होगी मेरे लिए।
तेरी याद में सिर्फ़ उदासी नहीं,
बहुत सारा प्यार भी शामिल है,
क्योंकि हर याद के साथ,
तेरी ममता भी लौट आती है।
माँ, समय बीतता जा रहा है,
पर तेरी याद पुरानी नहीं होती,
कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं,
जो दूरी से कम नहीं होते।
जब जीवन बहुत कठिन लगता है,
तो तेरी कही बातें याद आती हैं,
और लगता है जैसे आज भी,
तू मुझे संभाल रही है।
तेरी गोद का सुकून अब नहीं मिलता,
पर उसकी याद अब भी साथ है,
और कई बार वही याद,
दिल को थोड़ा हल्का कर जाती है।
माँ, तेरी हँसी याद आती है,
वह घर को घर बना देती थी,
अब खामोशी तो है,
पर वैसी रौनक नहीं है।
हर तस्वीर में तुझे देखकर,
दिल कुछ पल ठहर जाता है,
जैसे बीता हुआ समय,
एक बार फिर लौट आया हो।
मैं आज भी कई बार,
तुझसे मन ही मन बातें करता हूँ,
कुछ रिश्ते बिछड़ने के बाद भी,
खत्म नहीं होते।
तेरे बिना भी जीवन चल रहा है,
पर पहले जैसा नहीं,
कुछ कमी ऐसी है,
जिसे शब्दों में कहना आसान नहीं।
जब भी कोई मेरी परवाह करता है,
मुझे तेरी याद आ जाती है,
क्योंकि सबसे पहले यह एहसास,
मैंने तुझसे ही पाया था।
माँ, तेरी याद आँसू नहीं,
एक गहरा एहसास बनकर रहती है,
जो हर दिन यह बताती है,
कि तू कितनी अनमोल थी।
कई बार मन करता है,
बस एक बार फिर तुझसे मिलूँ,
और बिना कुछ कहे,
कुछ देर तेरे पास बैठूँ।
तेरी याद ने मुझे रुलाया भी है,
और संभाला भी है,
क्योंकि तेरे साथ बिताया हुआ हर पल,
आज भी मेरी ताकत बना हुआ है।