कभी जो बिना बताए घर आ जाते थे,
आज उनसे मिलने के लिए भी बहाने ढूँढ़ने पड़ते हैं।
दोस्ती की सबसे बड़ी कमी यह नहीं कि लोग बदल गए,
कमी यह है कि पुरानी बातें अब कहीं नहीं मिलतीं।
जिस दोस्त के साथ हर बात आसान लगती थी,
आज उसी से बात शुरू करना मुश्किल लगता है।
कुछ रिश्ते टूटते नहीं हैं,
बस उनमें पहले जैसी गर्माहट नहीं बचती।
कभी हमारी हँसी पूरे कमरे में गूँजती थी,
आज उसकी याद ही सबसे ज्यादा सुनाई देती है।
दोस्ती का दर्द यह नहीं कि कोई चला गया,
दर्द यह है कि उसकी जगह कोई नहीं ले पाया।
हमने उसे भुलाने की कोशिश नहीं की,
बस यादों को कम आवाज़ देना सीख लिया।
कभी हम एक-दूसरे की आदत थे,
अब एक-दूसरे की पुरानी कहानी हैं।
दोस्ती में दूरियाँ अचानक नहीं आतीं,
वे छोटी-छोटी खामोशियों से बनती हैं।
जिस दोस्त को मेरे हर डर का पता था,
आज उसे मेरी खामोशी का भी पता नहीं।
कुछ नाम दिल में हमेशा रहते हैं,
चाहे जिंदगी में उनकी मौजूदगी खत्म हो जाए।
अब उससे कोई शिकायत नहीं,
बस कभी-कभी उसकी कमी महसूस हो जाती है।
दोस्ती का सबसे उदास मोड़ वह होता है,
जब यादें साथ रहें और लोग नहीं।
कभी जो हर मुश्किल में पास था,
आज उसकी याद ही सहारा बन गई है।
हम दोनों ने कुछ गलत नहीं किया,
फिर भी दोस्ती पहले जैसी नहीं रही।
कुछ दोस्त जिंदगी से नहीं जाते,
बस रोज़मर्रा की बातों से चले जाते हैं।
जिसके साथ समय कम पड़ जाता था,
आज उसके बिना दिन बहुत लंबे लगते हैं।
दोस्ती में टूटे भरोसे की आवाज़ नहीं होती,
बस दिल थोड़ा शांत और थोड़ा खाली हो जाता है।
पुराने संदेश पढ़कर समझ आया,
कुछ रिश्ते सच में बहुत खूबसूरत थे।
कभी उसकी एक बात सुकून दे जाती थी,
आज उसकी याद ही बेचैन कर देती है।
दोस्ती खत्म नहीं हुई शायद,
बस रास्ते अलग-अलग हो गए।
जिस दोस्त के साथ चुप्पी भी अच्छी लगती थी,
आज उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा खलती है।
कुछ लोगों का जाना दुख नहीं देता,
उनके साथ जुड़ी यादों का रह जाना देता है।
हम अब भी वही लोग हैं शायद,
बस हमारी दोस्ती वाला समय पीछे छूट गया।
दोस्ती की सबसे गहरी उदासी यही है,
कि कुछ लोग दिल में रहते हैं, मगर जिंदगी में नहीं।
कभी जो हर छोटी बात साझा करते थे,
आज उनकी खबर भी दूसरों से मिलती है।
दोस्ती की कमी तब महसूस होती है,
जब कोई पुरानी बात याद आए और सुनाने वाला न हो।
हमने दोस्त नहीं खोया था,
बस वह अपनापन कहीं रास्ते में छूट गया।
कभी घंटों बातें कम पड़ जाती थीं,
आज चंद शब्द भी अजनबी लगते हैं।
कुछ दोस्त बुरे नहीं होते,
बस उनकी जिंदगी में हमारी जगह बदल जाती है।
पुरानी तस्वीरें देखकर मुस्कुरा तो लेते हैं,
लेकिन फिर वही खामोशी दिल में उतर जाती है।
दोस्ती का दर्द अलग होता है,
यह शिकायत कम और यादें ज्यादा देता है।
जिसे कभी सबसे पहले खबर दी जाती थी,
आज उससे बात करने की हिम्मत नहीं होती।
हम दूर नहीं होना चाहते थे,
बस वक्त हमसे ज्यादा मजबूत निकला।
कुछ रिश्ते खत्म नहीं होते,
बस धीरे-धीरे बोलना बंद कर देते हैं।
कभी उसकी मौजूदगी सुकून देती थी,
आज उसकी याद बेचैन कर जाती है।
दोस्ती में सबसे भारी पल वह होता है,
जब सामने वाला बदल जाए और वजह भी न बताए।
अब उसके नाम पर गुस्सा नहीं आता,
बस एक अधूरी सी मुस्कान आ जाती है।
जो दोस्त कभी हर कहानी में था,
आज वही सिर्फ एक याद में रह गया है।
हमारी दोस्ती की किताब बंद नहीं हुई,
बस कुछ पन्ने अचानक खाली रह गए।
कभी हम एक-दूसरे की आदत थे,
आज एक-दूसरे की खबर भी नहीं।
सब ठीक है कहने वाले बहुत हैं,
उसकी तरह सच में समझने वाला कोई नहीं।
दोस्ती की दूरी किलोमीटरों से नहीं बनती,
अनकही बातों से बनती है।
कुछ लोग जिंदगी से जाते नहीं,
बस पहले जैसी जगह छोड़ जाते हैं।
कभी उसकी एक हँसी दिन बना देती थी,
आज उसकी याद पूरा दिन चुप कर देती है।
दोस्ती में सबसे ज्यादा दुख तब होता है,
जब रिश्ता बच सकता था, मगर बात नहीं हुई।
अब हम अजनबी नहीं हैं,
लेकिन दोस्त भी पहले जैसे नहीं रहे।
जिस दोस्त के साथ वक्त उड़ जाता था,
आज उसके बिना वक्त कटता नहीं।
कुछ यादें इसलिए दर्द देती हैं,
क्योंकि उनमें शामिल लोग अब साथ नहीं होते।
दोस्ती का सबसे उदास सच यही है,
कि कभी-कभी सबसे अपने लोग ही सबसे दूर हो जाते हैं।
कभी जो बिना वजह बात कर लिया करते थे,
आज उनसे बात करने की वजह भी नहीं मिलती।
दोस्ती खत्म नहीं हुई शायद,
बस वह जगह खाली हो गई जहाँ अपनापन रहता था।
कुछ दोस्तों को खोने का दुख यह नहीं होता,
दुख यह होता है कि वे यादों में वैसे ही रह जाते हैं।
हमने दूरी नहीं चुनी थी,
बस खामोशियाँ धीरे-धीरे लंबी होती चली गईं।
कभी एक संदेश से दिन बन जाता था,
आज महीनों की खामोशी भी सवाल नहीं बनती।
दोस्ती टूटी नहीं थी,
बस एक दिन दोनों ने हाल पूछना छोड़ दिया।
कुछ रिश्ते बुरे नहीं होते,
बस पहले जैसे नहीं रह जाते।
जिस दोस्त को हर बात पता थी,
आज उसे मेरे हाल की खबर भी नहीं।
यादें अब भी मुस्कुराती हैं,
बस उनके साथ बैठने वाला दोस्त नहीं मिलता।
कभी हम वक्त भूल जाया करते थे,
आज वक्त के साथ एक-दूसरे को भी भूल गए।
दोस्ती में सबसे ज्यादा दर्द तब होता है,
जब वजह समझ आए बिना दूरी बढ़ जाए।
कुछ नाम आज भी मुस्कान दे जाते हैं,
लेकिन उनसे जुड़ी खामोशी दिल दुखा जाती है।
हम लड़कर भी साथ रहते थे,
अब बिना झगड़े ही दूर हो गए।
कभी जो हर खुशी में शामिल था,
आज उसकी कमी हर खुशी में महसूस होती है।
दोस्ती का अंत हमेशा झगड़े से नहीं होता,
कई बार लोग बस धीरे-धीरे अजनबी हो जाते हैं।
हमारी आखिरी बातचीत याद नहीं,
लेकिन उसके बाद की खामोशी याद है।
कुछ दोस्तों को खोना ऐसा होता है,
जैसे जिंदगी का एक हिस्सा पीछे छूट गया हो।
अब उससे कोई शिकायत नहीं,
बस पुराने दिनों की याद कभी-कभी भारी लगती है।
जो दोस्त कभी घर जैसा लगता था,
आज वही सिर्फ एक पुरानी याद बन गया है।
दोस्ती में टूटा भरोसा शोर नहीं करता,
बस दिल के भीतर एक खाली जगह छोड़ जाता है।
हम दोनों बदल गए होंगे शायद,
वरना दोस्ती इतनी चुप नहीं होती।
कभी उसकी हँसी मेरी आदत थी,
आज उसकी याद मेरी खामोशी है।
कुछ दोस्त दूर नहीं जाते,
बस जिंदगी की भीड़ में कहीं खो जाते हैं।
सब कुछ खत्म नहीं हुआ,
लेकिन पहले जैसा कुछ भी नहीं बचा।
दोस्ती की सबसे उदास बात यह है,
कि कुछ लोग यादों में रह जाते हैं, जिंदगी में नहीं।